गिरिडीह:- झारखंड के प्रवासी मजदूरों की मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। इस क्रम में एक बार पुनः गिरिडीह जिले के बगोदर के मजदूर की अफ़्रीका के दक्षिण-पूर्व में स्थित मोजाम्बिक में मौत होने की खबर आई है। उसकी मौत शनिवार को हो गई। उक्त सूचना मिलते ही मृतक के घर में मातम छा गया।जानकारी के अनुसार गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र अंतर्गत अंबाडीह निवासी स्वर्गीय ठाकुर दयाल महतो के 47 वर्षीय पुत्र प्रेमचंद महतो की शनिवार को मोजाम्बिक में मौत हो गई। मौत के कारण का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। मृतक केईसी इंटरनेशनल कंपनी में काम करता था। मृतक अपने पीछे माता टेकनी देवी, पत्नी भगिया देवी, पुत्र नरेश कुमार (24)और टेकलाल कुमार (20) को छोड़ गया। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं गांव वाले भी शोक में हैं।इस घटना पर प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली ने संवेदना प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि झारखंड के नौजवानों के मौत के मुंह में समा जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई लोगों की मौत हो चुकी है। अली ने आगे कहा कि रोजी-रोटी की तलाश में परदेस गये प्रवासी झारखंडी मजदूरों की मौत का सिलसिला जारी है। हर रोज झारखंड के किसी न किसी इलाके के प्रवासी मजदूर की दूसरे राज्यों या विदेश में मौत की खबरें आ रही है। प्रवासी मजदूरों की सबसे ज्यादा तादाद गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिले से है। ऐसे में सरकार को रोजगार की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि मजदूरों का पलायन रोका जा सके और इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बगोदर के प्रवासी मजदूर की मोजाम्बिक में मौत, परिवार में मातम
