गिरिडीह:- नल-जल योजना की सफलता को लेकर विभाग और विभागीय पदाधिकारियों के द्वारा लगातार किए जा रहे दावों के बीच इसकी विफलता की एक ऐसी तस्वीर उजागर हुई है जो इस योजना की ज़मीनी हक़ीक़त से अवगत कराने के साथ ही इसकी सफलता को लेकर किए जाने वाले तमाम दावों के भी पोल खोलती है।
बताते चलें कि जमुआ प्रखंड के धरमपुर पंचायत के धरमपुर गांव में उक्त योजना के तहत लगाए गए कुल 6 पानी टंकियों में से 4 पूरी तरह से शोभा की वस्तुएं बनीं हुई हैं। 2 टंकियों से थोड़ा बहुत पानी निकल रहा है जो केवल नाममात्र के लिए ही है और विभागीय खानापूर्ति की दास्तां को बयां करती हैं।
स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो योजना के संचालन में यहां घोर अनियमितता बरती गई है। यहां तक कि जल मीनारों को सार्वजनिक स्थानों के बदले निजी जमीनों पर खड़ा कर दिया गया है और जिनकी जमीनों पर पानी टंकियों को लगाया गया है है वे मनमानी करते हैं।
गांव के बहुत से घरों में न पाईप का कनेक्शन पहुंचा है और ना ही एक बूंद पानी।
ग्रामीणों ने संवेदक और विभाग पर योजना के संचालन में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है साथ ही जिला प्रशासन से मामले की जांच करने और पानी का शीघ्र प्रबंध करने का आग्रह किया है।