जमशेदपुर : टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा 14 से 20 अक्टूबर तक चलने वाली साप्ताहिक प्रदर्शनी जोहार हाट के दसवें संस्करण का आयोजन किया है। वहीं कदमा स्थित प्रकृति विहार कॉलोनी में आयोजित इस प्रदर्शनी में झारखंड, ओडीशा और महाराष्ट्र के 5 से अधिक आदिवासी समूह- संथाल, हो, गोंड, भूमिज आदि का प्रतिनिधित्व करने वाले उद्यमियों ने भाग लिया है। इस बार की प्रदर्शनी “सोहराई का सार” विषय पर आधारित थी। सोहराई एक फसल उत्सव है और जिसे झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडीशा व पश्चिम बंगाल में पशु उत्सव के रूप में मनाया जाता है। सप्ताह के दौरान सोहराई पेंटिंग, जूट शिल्प, आदिवासी व्यंजन आदि पर कई कार्यशालाएं भी आयोजित की गई। जोहार हाट की परिकल्पना हर महीने एक सप्ताह तक चलने वाली प्रदर्शनी के माध्यम से पूरे देश में जनजातियों की कला, शिल्प, व्यंजन और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए एक समर्पित स्थान बनाने के लिए की गई थी। साथ ही जोहार हाट का पहला संस्करण इसी साल जनवरी में आयोजित किया गया था।
टाटा स्टील फाउंडेशन ने जोहार हाट का किया आयोजन
