नेशनल लोक अदालत का झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष ने किया ऑनलाइन उद्घाटन

 

2 लाख 16 हजार 118 मामलों का हुआ निष्पादन, 14 करोड़ 36 लाख 43 हजार 238 रुपए राजस्व की हुई प्राप्ती

 

जमशेदपुर : झालसा रांची के कार्यकारी अध्यक्ष सह झारखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने राज्य में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत का ऑनलाईन उद्घाटन किया। इस दौरान झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रसाद ने कहा कि पूरे देश में आज नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के तत्वाधान में झारखण्ड राज्य के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकारों द्वारा 14 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। आज सुबह 10.30 बजे न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने झालसा रांची के प्रांगण में विधिवत रूप से उद्घाटन कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया। साथ ही इसका ऑनलाइन प्रसारण जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय के लोक अदालत हॉल में भी किया गया। इसी क्रम में न्यायमूर्ति द्वारा राज्य स्तर पर अभासी रूप से 1030 नई विधिक सेवा केन्द्रों एवं 90 दिन का जागरूकता एवं आउटरीच कैम्पेन का ऑनलाइन विमोचन भी किया गया। वहीं जमशेदपुर सिविल कोर्ट में आयोजित नेशनल लोक अदालत में रिकार्ड कुल 2 लाख 16 हजार 118 मामलों का निष्पादन किया गया। जिससे 14 करोड़ 36 लाख 43 हजार 238 रूपए राजस्व की प्राप्ति भी हुई। मामलों के निष्पादन के लिए जमशेदपुर सिविल कोर्ट में न्यायिक पदाधिकारियों की 13 बेंच एवं घाटशिला अनुमंडल कोर्ट में कुल दो बेंच का गठन किया गया था। वहीं नेशनल लोक अदालत में वाहन दुर्घटना, बीमा क्लेम से जुड़े तीन मामले में इंश्योरेंस कंपनी की ओर से पीड़ित पक्ष को लगभग 15 लाख का चेक मुहैया कराया गया। जिसे प्रधान जिला जज अनिल कुमार मिश्रा एवं स्टेट बार कौंसिल के वाईस प्रेसिडेंट राजेश कुमार शुक्ल द्वारा उन्हें सौंपा गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा ने उपस्थित पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से त्वरित न्याय पाने का एक बेहतर मंच बताया। साथ ही उन्होंने इसका अधिक से अधिक लोगों को लाभ लेने की अपील भी की। मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा, कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश अजीत कुमार सिंह, स्टेट बार कौंसिल के वाईस प्रेसिडेंट राजेश शुक्ल, डालसा सचिव राजेन्द्र प्रसाद, जिला बार संघ अध्यक्ष आरएन दास, सचिव राजेश रंजन समेत अन्य न्यायिक पदाधिकारी भी मौजूद थे। इसे सफल बनाने में कोर्ट कर्मचारी, डालसा के पैनल लॉयर्स, पीएलवी आदि की अहम भूमिका रही।

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